अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी : क्यों गए जेल | क्या है मामला | सबसे बड़ा खुलासा

अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी : क्यों गए जेल | सबसे बड़ा खुलासा | क्या है मामला

अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी : क्यों गए जेल
Source: zeenews.india

आज देश भर में सबकी जुबान पर सिर्फ एक नाम है वह नाम है अर्नब गोस्वामी का अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया दो भागों में बट गया कुछ लोग अन्ना की गिरफ्तारी से खुश थे तो वहीं ज्यादातर लोग इस गिरफ्तारी से नाराज थे गिरफ्तारी से नाराज होने का एक सबसे बड़ा कारण था कि जिस तरह से उन्हें गिरफ्तार किया गया अरनव को पुलिस जबरदस्ती उनके घर से ऐसे उठा ले गई मानव जैसे किसी आतंकी को उठाया होकुछ वीडियो सामने आए जिसमें साफ देखा जा सकता है कि पुलिस किस तरह से उठाकर ले गई वहीं अरनव का यह भी कहना है कि पुलिस ने उनके बेटे को भी मारा है और उन्हें भी उनके हाथों में चोट भी देखी जा सकती है

क्या है पूरा मामला

दो हजार अट्ठारह का एक केस था जहां बताया गया कि इंटीरियर डिजाइनर ने एक सुसाइड नोट लिखा जिसमें उसने फिरोज शेख नितीश शारदा और अरनव का नाम लिखा उसने लिखा कि उसकी 50000000 रकम बकाया थी जिसके चलते वह तंगी में आ गया और उसने सुसाइड कर लिया अर्नब गोस्वामी के नाम उसने 80 से 90 लाख का बकाया लिखा परंतु सबसे बड़ी रकम का हिस्सा फिरोज शेख के नाम लिखा केस में एक बड़ी कहानी यह है कि 2018 टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में लिखा गया था कि पुलिस का दावा है कि उस दिन उस घर में उस शख्स के साथ उसकी मां की लाश भी मिली थी पुलिस का कहना था कि उसकी मां ने सुसाइड नहीं किया बल्कि उनका मर्डर हुआ था उठता है कि ऐसा कैसे संभव है कि एक व्यक्ति की हत्या हो और एक व्यक्ति सुसाइड करें वहीं अगर रिपब्लिक भारत की बात करें तो कहते हैं कि रिपब्लिक भारत का 1000 करोड़ से ज्यादा का व्यापार है तो लगता नहीं कि अर्नब 70 – 80 लाख नहीं चुका पाए 2018 में पुलिस ने कहा था कि सबूतों के अभाव में या केस बंद किया जा रहा है

गिरफ्तारी का कारण

अरनव की गिरफ्तारी का एक बड़ा कारण यह भी रहा कि पालघर में साधुओं की हत्या के बाद उन्होंने सीधा सोनिया गांधी पर हमला बोला और सुशांत केस के बाद मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार को सीधा कटघरे में खड़ा कर दिया जिसके बाद यह कहना गलत नहीं होगा कि पुलिस यह सब कार्यवाही बदले की भावना से कर रही है अभी कुछ दिन पहले ही रिपब्लिक को अपने ऑफिस का सभी सामान और आय के सारे साधन सरकार के साथ साझा करने पड़े परंतु अन्ना की गिरफ्तारी एक पुराने केस में की गई जिसके स्कोर मुंबई पुलिस बंद कर चुकी थी इस केस को इसी साल मई में खोला गया लेकिन सवाल गिरफ्तारी से ज्यादा गिरफ्तार करने के तरीके पर खड़े किए जा रहे हैं

न्यायालय का रवैया

अरनव कब तक बिल नहीं मिली है लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि अरनव को एक ऐसे जेल में भेजा जा रहा है जहां आज भी दाऊद के खूंखार साथी बंद है और वही कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुछ ऐसी बातें सामने आई जो यह बताती है कि अरुण आपको कुछ गहरी चोटें आई हैं अरनव को तलोजा जेल में ले जाया जा रहा है जहां आज भी दाऊद के लोग सक्रिय हैं और दाऊद के धंधे जेल से चलाए जा रहे हैं और ऐसे जेल में सबसे बड़ा खतरा अरनव की सुरक्षा को लेकर है
बेशक हम सभी अरनव के रिपोर्टिंग के तरीके से खुश ना हो या हो सकता है ज्यादातर लोग इस सब के खिलाफ हैं कि वह जिस तरह से चिल्लाकर रिपोर्टिंग करते हैं लेकिन हमें यह भी ध्यान देना होगा कि चाहे हम अरनव को पसंद करें या ना करें परंतु पुलिस इस तरीके से किसी को नहीं उठा कर ले जा सकती आखिर एक सवाल यह भी उठता है कि मुंबई पुलिस यह सब किसके इशारे पर कर रही है

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