UNO

यूएनओ UNO अर्थात संयुक्त राष्ट्र संघ क्या है | UNO की अनसुनी बातें – Analysis

यूएनओ UNO अर्थात संयुक्त राष्ट्र संघ क्या है

united nations organisation
Source:- Picasa

यूएनओ UNO अर्थात संयुक्त राष्ट्र संघ क्या है| हमें UNO की जरूरत क्यों पड़ी| यह किस सिद्धांत पर आधारित है| UNO के कार्य क्या है| यू एन ओ के कौन-कौन से अंग है| तथा भविष्य में हमें इसकी जरूरत क्यों पड़ेगी| आज हम यूएनओ को विस्तार से जानने वाले हैं|

अगर आप किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हो तो आपके लिए यह बहुत ही जरूरी है| साथ ही साथ उन लोगों के लिए जो संयुक्त राष्ट्र संघ के बारे में जानना चाहते हैं इस पोस्ट में उनको हम विस्तार से बताने वाले हैं|

1. संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) क्या है:-

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद हुई है| इससे साफ पता चलता है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना तीसरे विश्वयुद्ध भविष्य में ना हो, इस समझौते पर इसकी शुरुआत 24 अक्टूबर 1945 में की किया गया है| शुरुआत में इसमें 51 देश शामिल थे लेकिन वर्तमान में इस में 193 देश शामिल है| इसके 6 अंग है जो कि 6 विशेष काम संभालते हैं| सभी 6 अंगों के अपने अपने उद्देश्य हैं जिसको वह पूरा करते हैं|

2. द लीग ऑफ नेशन (The League of Nations)

जब प्रथम विश्व युद्ध हुआ था तो भविष्य में ऐसा युद्ध द्वारा ना हो इसके लिए 1919 में द लीग ऑफ नेशन की स्थापना की गई थी| लेकिन इसकी स्थापना होने के बावजूद भी द्वितीय विश्व युद्ध हुआ| जिसने द लीग ऑफ नेशन को फेल कर दिया अर्थात 1946 में द लीग ऑफ नेशन को भंग कर दिया गया| (The League of Nations) दा लीग ऑफ नेशन के स्थान पर संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना की गई है| इसका सबसे प्रमुख उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा है|

3. यूएनओ की जरूरत क्यों पड़ी

विश्व में सबसे घातक युद्ध प्रथम विश्व युद्ध को माना गया था| ऐसा युद्ध भविष्य में दोबारा ना हो इसीलिए द लीग ऑफ नेशन की स्थापना की गई थी| लेकिन इसके होने के बावजूद भी द्वितीय विश्व युद्ध हुआ जिसके कारण द लीग ऑफ नेशन को 1946 में बंद कर दिया गया| तथा इसके बजाय एक ऐसे संघ की जरूरत जो भविष्य में तीसरे विश्व युद्ध को रोक सके| क्योंकि ऐसा मानना है कि यदि तीसरा विश्व युद्ध हुआ तो इससे जनधन की हानि के साथ साथ पृथ्वी में काफी तबाही हो सकती है| ऐसी तबाही को रोकने के लिए अर्थात तीसरे विश्व युद्ध को रोकने के लिए 24 अक्टूबर 1945 में संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना की गई| संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना के समय इसमें क्या 1 देश शामिल थे वर्तमान में इस में 193 देश शामिल है|

संयुक्त राष्ट्र संघ के सिद्धांत पर आधारित है

यूएनओ प्रमुख 7 सिद्धांतों पर आधारित है|

1. किसी भी देश की संप्रभुता और समानता को ठेस ना पहुंचे|

2. यदि यूएनओ किसी भी चार्टर को अगर स्वीकृत करता है तो सभी देशों को उसको स्वेच्छा से पालन करना पड़ेगा|

3. यदि किसी देशों के बीच कोई विवाद उत्पन्न होता है तो तो उसके बीच उसे शांतिपूर्वक तरीके से निपटाया जाएगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का कायम रखा जा सके|

4. कोई भी देश ऐसा काम नहीं करेगा जिससे उसके पड़ोसी देश या किसी अन्य देश को किसी भी तरीके की हानि पहुंचे|

5. यदि योजनाओं किसी देश के विरुद्ध कार्य कर रहा है तो उस देश की सहायता कोई भी देश नहीं कर सकता|

6. यह एक ऐसी नीति बनाकर चलगा यदि कोई देश यू एन ओ का सदस्य नहीं भी है तो वह यूएनओ द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करेगा|

7. यदि कोई मामला किसी देश के अंदर अर्थात घरेलू सीमा के अंदर होता है, इसमें किसी दूसरे देश का कोई हस्तक्षेप नहीं है तो ऐसे मामलों पर UNO हस्तक्षेप नहीं कर सकता|


Related Post

  1. भारत के संविधान की नींव किस तरीके से रखी गई है
  2. विश्व टेलीविज़न दिवस का इतिहास |
  3. अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस एवं इसकी कहानी |
  4. अंतरराष्ट्रीय छात्र दिवस | क्यों मनाया जाता है|

संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग:-

यूएनओ के 6 अंग हैं:

  1. संयुक्त राष्ट्र महासभा (General Assembly)
  2. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (Security Council)
  3. आर्थिक एवं सामाजिक परिषद् (Economic and Social Council)
  4. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice)
  5. संयुक्त राष्ट्र सचिवालय (Secretariat)
  6. विशिष्ट एजेंसियाँ (Specialized Agencies)

1. संयुक्त राष्ट्र महासभा

संयुक्त राष्ट्र महासभा को लोकतांत्रिक गलत सिद्ध नहीं होगा क्योंकि इसके अंदर सभी देशों के प्रतिनिधि को समान महत्व मिलता है| तथा कोई भी देश का प्रतिनिधि अपनी बात को वहां रख सकता है उस पर विचार कर सकता है और उस पर अपनी सहमति जाहिर कर सकता है| किसी भी देश के 5 से अधिक प्रतिनिधि सभा में शामिल नहीं हो सकते इसकी शुरुआत सितंबर महीने में होती है|

2. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा पद

यह पद संयुक्त राष्ट्र संघ का सबसे महत्वपूर्ण पद है| अर्थात इस पद पर 15 सदस्य होते हैं| 10 अस्थाई सदस्य और 5 स्थाई सदस्य होते हैं| जिसमें अस्थाई सदस्य का कार्यकाल 2 वर्षों का होता है तथा स्थाई सदस्य मैं शामिल देश चीन, फ्रांस, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, ब्रिटेन तथा रूस शामिल है|

Note:- स्थाई सदस्य में से अगर कोई भी व्यक्ति किसी मुद्दे पर अपनी असहमति जाहिर करता है| इसको यूएनओ में वीटो के नाम से जाना जाता है|

3. आर्थिक एवं सामाजिक परिषद:-

परिषद का मुख्य काम विश्व भर में आर्थिक एवं सामाजिक से जुड़े कार्य मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुधार लाना है| इस परिषद के अंतर्गत काफी संगठन का निर्माण किया गया है| जैसे – यूनेस्को, डब्ल्यूएचओ, आईएलओ, इत्यादि|

4. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के अंतर्गत कौन मुद्दों को समझाया जाता है जो कि दो या दो से अधिक देशों के बीच विवाद का एक हिस्सा बने हुए हैं| इनमें जल संबंधी, सीमा रेखा संबंधी, आदि शामिल है| अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या पद्मावती हैं जिसमें किसी भी देश एक से अधिक न्यायाधीश शामिल नहीं हो सकते|

5. संयुक्त राष्ट्र सचिवालय

संयुक्त राष्ट्र संघ के अंग के रूप में पांचवें नंबर पर संयुक्त राष्ट्र सचिवालय को शामिल किया गया है जिसका कार्य प्रशासनिक कार्य के रूप में किया जाता है|

6. विशिष्ट एजेंशिया

संयुक्त राष्ट्र संघ ने कुछ विशेष दिन से ऊपर भी कार्य किया है जिससे कि डब्ल्यूएचओ, यूनेस्को UNESCO, एफ ए ओ FAO, आईएलओ ILO, आईएमएफ IMF, वर्ल्ड बैंक World Bank, इत्यादि शामिल है| इन संस्थाओं के माध्यम से देश में एक प्रकार की एकता कायम की जा सके| तथा संसार के देशों का समाज कल्याण हो सके जिसमें उनका सामाजिक रूप से राजनीतिक रूप से आर्थिक रूप से भला हो सके|

आपको संयुक्त राष्ट्र संघ के बारे में जानकर कैसा लगा कृपया में कमेंट में जरूर बताएं| अगर आप लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ना पसंद करते हैं और इसी तरीके से अगर आप किसी परीक्षा की तैयारी भी कर रहे हैं तो हमारे चैनल पर आप उन सभी परीक्षा को आसानी से क्लियर कर सकते हैं| हम आपको आपके परीक्षा से संबंधित नए-नए जानकारी लेकर आते रहते हैं|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Contact Us | About Us | Privacy Policy | Terms of Use | Disclaimer
Copyright © 2020 DigitalSportsInfo. The DigitalSportsInfo is not responsible for the content of external sites.