Happy Bhai Dooj

भाई दूज की अनसुनी कहानी | क्यों मनाया जाता है भाई दूज | लोक कथा | पौराणिक कथा

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Source:- Askideas

भैया दूज क्यों मनाया जाता है इसके पीछे का इतिहास क्या है| भैया दूज को मनाने के पीछे दो महत्वपूर्ण कारण है| पहला कारण है लोककथा और दूसरा कारण है पौराणिक कथा| इस पोस्ट में हम आपको दोनों कथाओं से अवगत कराने वाले हैं| हम आपको लोक कथा के बारे में भी बताएंगे और पुरानी कथा के बारे में भी कि इन दोनों के मुताबिक भैया दूज क्यों मनाया जाता है| चलिए दोस्तों बिना किसी देरी के शुरू करते हैं

पौराणिक कथा के अनुसार

सूर्य देव की पत्नी होती हैं जिनका नाम संज्ञा होता है उनसे उनकी दो संतान होती है एक एक लड़का जिसका नाम यम और एक लड़की इनका नाम यमुना होता है| यम और यमुना आपस में बहुत प्रेम करते हैं उनकी मां संज्ञा सूर्यदेव की चमक को बर्दाश्त ना कर पाने के कारण उनसे अलग होने की प्रेरणा सकती है और वह अपने बच्चों को सुखदेव के साथ छोड़ देती है और बदले में अपनी छाया को उनकी परवरिश के लिए छोड़ देती है| लेकिन छाया उन दोनों बच्चों से प्रेम नहीं करती हैं| यम और यमुना आपस में एक दूसरे को बहुत प्रेम करते हैं| कुछ समय बाद जब दोनों बड़े हो जाते हैं तो 1 दिन यमदेव अपनी बहन यमुना से मिलने के लिए उनके घर जाते हैं| अपने भाई के आने की खुशी में यमुना उनके आने के लिए बहुत बढ़िया स्वागत के लिए तैयारियां शुरु कर देती है| इतनी बढ़िया तैयारियां देखकर यमदेव बहुत प्रसन्न हो जाते हैं और यमुना से कहते हैं कि बहन तुम मुझे कुछ वरदान मांगो| यमुना अपने भाई यमदेव से बहुत प्रेम करते थे और इसलिए वह बदले में कहती है कि भैया यमदेव तुम और साल मेरे से मिलना इसी तरह आया करो| यमदेव अभी हम ना कि बात नहीं उठा सकते थे इसलिए वह हर साल अपनी बहन यमुना से मिलने आया करते हैं| कहा जाता है तभी से भैया दूज को मनाया जाने लगा है

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लोक कथा के अनुसार

इसके अनुसार काफी कहानियां प्रसिद्ध है लेकिन हम आपको एक ऐसी बताएंगे जो सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है| एक गांव में एक बूढ़ी अम्मा होती है जिनकी दो संतान होती है एक बहन और एक भाई वह दोनों आपस में हमेशा लड़ते झगड़ते रहते हैं| बहन भाई से बड़ी होती है|

कुछ समय बाद बहन की शादी हो जाती है| बहन की शादी होने से घर फिर सूना सूना हो जाता है| दो-तीन साल बाद जब भाई को बहन की याद काफी ज्यादा आती है तो वह अपनी मां से कहता है कि मैं अपनी बहन से मिलने जा रहा हूं लेकिन इसकी मां कहती है मत जा वह तेरे से हमेशा लड़ते झगड़ते रहती थी अब जाएगा तू तो तेरे से वह फिर लड़ेगी|

लेकिन भाई किसी ना किसी पर अपनी मां को मना ही लेता है| अपनी बहन से मिलने के लिए निकल पड़ता है| रास्ते में उसे एक नदी मिलती हैं जो कहती है मैं तेरे को अपने अंदर समाने चाहती हूं भाई कहता है पहले बोली बहन से मिलकर आ जाओ उसके बाद तुम मेरे को अपने अंदर समा लेना| थोड़ी देर बाद आगे चलकर उसको एक साथ मिलता है वह डसने के लिए कहता है लेकिन उसको भाई कहता है पहले अपनी बहन से मिलकर आ जाओ उसके बाद तो मेरे को डस लेना| आगे चलने के बाद कुछ को एक तेरी मिलता है उसको उसका भाई कहता है पहले अपनी बहन से मिलकर आ जाऊं उसके बाद तो मेरे को खा लेना| आखिरकार वो अपनी बहन के पास आई जाता है वह बाहर खड़े होकर अपनी बहन को आवाज लगाता है इतने में उसकी बहन सूत कात रही होती है| बाइक की आवाज सुनकर उसका उसका सूत टूट जाता है| उस उस समय के रिवाज में सूत का टूटना अशुभ माना जाता था |

इसलिए वह अपने भाई को आवाज नहीं देती है  जिसके कारण उसका भाई  सोचता है कि मैं इतनी मुश्किल से अपनी बहन से मिलने आया लेकिन वह मुझसे मिलने नहीं आई वह वापस चलने के लिए निकल पड़ता है इतने में उसकी बहन का सूत जुड़ जाता है और वह अपने भाई से मिलने के लिए आ जाती है अपने भाई को मना लेती है कि मेरे साथ ऐसा ऐसी बात हुई थी| अपने भाई का कई दिन तक बहुत बढ़िया तरीके से देखभाल करते हैं|

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कुछ समय बीतने के बाद भाई कैसा है अब मेरे को चलना चाहिए मां वृद्ध अवस्था में ठीक तरीके से जीवनयापन नहीं कर पाती है मुझे उनके साथ ही रहना है| बहन उसके लिए लड्डू बनाकर उसको दे देती है ताकि वो रास्ते में खा सकें| कुछ लड्डू को अपने बच्चों को देती है जब वह बच्चा बोले तो कहती है तो लड्डू नीला पड़ चुका होता है वह चक्की में देखती है तो वहां पर एक सांप मर चुका होता है| वह समझ आती है कि अगर उसका भाई वह लड्डू खाएगा तो मर जाएगा |

इसलिए उसको बचाने के लिए उसको ढूंढने के लिए निकल पड़ती है| रास्ते में उसका भाई एक पेड़ के नीचे बैठा था| बहन पूछती है भाई से किसने लड्डू खाए तो नहीं भाई कैसा भी नहीं खाई| मैंने से लड्डू लेकर वहां फेंक देती है और बता देते हैं सच्चाई के पीछे की| भाई कहता है लड्डू चल तुझे मेरे को बचा लिया लेकिन मेरे कॉल सांप शेर और नदी यह मेरी जान के पीछे पड़े हैं इनसे तो मेरी जान कैसे बचाओगे| इतने में भाई को प्यास लगने लगते हैं |

भाई के ना कहने पर भी बहन पानी लाने के लिए जाती है रास्ते में उसे बूढ़ी अम्मा देखती है और उसको एक राज बताती है कि किस किस तरीके से तू अपने भाई की जान बचा सकती हैं| उन सभी के होते हैं वह अपनी भाई की जन्म जाती है वह साथ में मांस का टुकड़ा एक चद्दर और दूध लेकर आते हैं और भाई को साथ लेकर जाती है| रास्ते में वह सांप को दूध दे देती है| शेर को मांस का टुकड़ा दे देती है| नदी को चद्दर दे देती है| जिससे उसके भाई की जान बच जाती है और इस तरीके से वह बहन अपने भाई की जान बचा लेती है| कहते हैं तभी से भैया दूज मनाया जाने लगा है |

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